याकूब2goj_twf

पक्षपात का बदल चेतावनी

1हे मरो भैइ, हमारो महिमा युक्ता प्रभु यीशु मसीह पर तुम्हारो विश्वास पक्षपात का साथ नी हुइ.2समज अगर एक धनवान इन्सान सोन्नो को छल्लो अरु अच्छा कपडा पेन्यो हुयो तुमारी मीटीग मे आये, अरु एक गरीब भी खराप कपडा पेनीखे आयो,3अरु तु उ अच्छो कपडा आला को मुडो देखी खे बोल्यो, “ तु व्हा अच्छी जगामे बठ्यो,” अरु उ गरीब से बोल्यो, तु ह्यापर खडो ऱ्हे,“ यो मरो पाय का पास बठ्यो.”4ते का तो ने आपस मे छोटो बडो नी कऱ्यो अरु बुरी बीचार से न्याय करण आलो नी रख्यो?5हे मरो प्रिय भैइ, सुन का परमेश्वर ने यो जगत का गरीबहोन खे नी चुनी कि विश्वास मे धनी अरु उ राज्य को अधिकारी हुयो, जेकी प्रतीज्ञा ओने ओकासे करी हइ जो ओकासे प्रेम रखस हइ?6पर तुम ने वु कऱ्यो. का दुसराआला दुन्या तुम पर अत्याचार नी करस अरु का वे तोखे कोरट मे खीची-खीची खे नी ली जाये?7का वे यो नी हइ, जो उत्तम नाम की मजाक नी करस जो तोखे दियो गयो हइ?8तब भी अगर तुम पवित्रशास्त्र को यो वचन का अनुसार कि “तू अपनो बाजुआला से अपना समान प्रेम रखस” सच मुच उ राज व्यवस्था को पुरो करस हुये, ते अच्छो करस हइ.9पर अगर तुम दुन्या का बाहर दुसरा देखीखे व्यवहार करस हुये ते तुम पाप करस हइ. अरु व्यवस्था तोखे व्यवस्था तोडन आलो ठहरास हइ.10किक्यु जो कोय भी सब व्यवस्था का पालन करस हइ पन एक बात मे चुकी जाए ते वा सब बात मे दोष ठहऱ्यो चुक्यो हइ.11येकालिये कि जेने यो बोल्यो, “तू व्यभिचार नी करणु ओ ने यो भी बोल्यो,” “तो ने माऱ्यो नी करणु,” येकालिये अगर तो ने बुरी बिचार ते नी कऱ्यो पर मारन की तब भी तू व्यवस्था को उल्लंघन करण आलो रख्यो.12तु वे दुन्या का समान वचन बोल अरु काम भी कर, जेको न्याय नीयम जो हमखे स्वतंत्रता करस हइ.13येकालिये जो दयालु नी हइ ओको लिये परमेश्वर को न्याय बिन दया को हुये पन दया न्याय पर विजय हइ.

विश्वास अरु कर्म

14हे मरो भैइहोन, अगर कोय भी बोले की मेखे विश्वास हइ पर उ कर्म नी बोलस हय, ते यो का लाभ? का असो विश्वास कभी ओकासे उद्दार करी सकस हइ15अगर कोय भी भैइ या भैइन कम कपडा हइ अरु उनखे हर दिन खाना की घटी हुये16अरु तुम मे से कोय भी ओकासे बोले, खुशी से जा तु तुमारी भलय का काम नो करस हुय तुम खुद ऱ्हेस अरु, “अच्छा से खयखे मन शांत र्हेव,” पर जो चीजहोन मन का लिये जरुरती हइ व्हा उनखे नी दे ते का लाभ?17वोसो विश्वास भी, अगर कर्म सहित नी होस ते अपनो स्वभाव मे मऱ्यो हुयो हइ.18क्युकी कोय भी बोली सकस हइ “तोखे विश्वास हइ अरु मी कर्म करस हय.” तू अपनो विश्वास मेखे कर्म बिना ते दिख्यो. अरु मी अपनो विश्वास अपना काम का वजेसे तोखे बतायु.19तोखे विश्वास हइ की एक परमेश्वर हइ? तू अच्छो करस हइ. बुरीआत्मा भी विश्वास रखस, अरु थरथरास हइ.20पर हे नीकम्मा इंन्सान, का तू यो भी नी जानस की कर्म बिना विश्वास व्यर्थ हइ?21जब हमारो बाप अब्राहम ने अपनो बेटो इसहाक खे वेदी पर चढायो, ते का उ काम से धर्मी नी रुख्यो थो?22अगर तो ने देख्यी लियो कि विश्वास ने ओको काम का साथ मीली खे प्रभाव डाऱ्यो हइ, अरु काम से विश्वास सिध्द हुयो,23अरु पवित्रशास्त्र को यो वचन पुरो हुयो “अब्राहम ने परमेश्वर को विश्वास कऱ्यो, अरु ओका लिये न्याय मे गिन्यो गयो,” अरु उ परमेश्वर को दोस्त बुलायो गयो.24यो प्रकार तु ने देखी लियो कि इंन्सान फक्त विश्वास से ही नी कि जब धर्मी काम से भी न्याय ठैइरस हइ.25ओसो हि राहाब वेश्या भी, जब ओने दुतहोन खे अपना घर मे उताऱ्यो अरु दुसरा रस्ता से बिदा कऱ्यो ते का काम से धर्मी नी ठहऱ्यो?26अगर जसो आंग आत्मा बिना मऱ्यो हुयो हइ, ओसो हि विश्वास भी कर्म बिना मऱ्यो हुयो हइ.