1सन-सन करत डेना के फड़फड़ाहट के ओ देस ऊपर हाय,जऊन ह कूस के नदीमन के संग-संग फईले हवय,2अऊ जऊन ह समुंदर के रसता लेपानी म नरकट के डोंगामन के दुवारा दूतमन ला ये कहिके पठोथे।हे तेज चलइया दूतमन,ओ मनखेमन करा जावव, जेमन ऊंच अऊ चिकना चमड़ी के अंय,जेमन के भय मनखेमन के मन म दूरिहा-दूरिहा तक हवय,ओमन अजीब भासा बोलइया एक हमलावर जाति अंय,अऊ ओमन के देस ह नदीमन के दुवारा बंटे हवय।3हे संसार के जम्मो मनखेमन,तुमन जेमन धरती म रहिथव,जब एक झंडा ह पहाड़ ऊपर खड़े करे जाही,त तुमन ओला देखहू,अऊ जब तुरही ह फूंके जाही,त तुमन ओकर अवाज सुनहू।4यहोवा ह मोला ये कहत हे:“घाम के तेज गरमी अऊ कटनी के गरमी मओस के बादर सहींमेंह चुपचाप रहिहूं अऊ अपन निवास ले देखहूं।”5काबरकि कटनी के पहिले, जब फूलमन खतम हो जाथेंअऊ फूल ह पके अंगूर बन जाथे,तब ओह अंकुरमन ला चाकू ले काट डारही,अऊ काटके फईले डालीमन ला अलग कर दीही।6ओमन ला सिकार करइया पहाड़ी चिरईमन बरअऊ जंगल के पसुमन बर छोंड़ दिये जाही;चिरईमन पूरा घाम के महिना मअऊ जंगली पसुमन पूरा जाड़ के महिना म ओमन ला खाहीं।7ओ समय सर्वसक्तिमान यहोवा बर ओ मनखेमन के दुवारा भेंट लाने जाहीजेमन ऊंच अऊ चिकना चाम के होहीं,जेमन ले पास अऊ दूरिहा के मनखेमन डरथें,जेमन अजीब भासा बोलइया हमलावर जाति के होहीं,जेमन के देस ह नदीमन के दुवारा बंटे होही—ओ भेंटमन ला सियोन पहाड़, सर्वसक्तिमान यहोवा के नांव के जगह म लाने जाही।