1बेबिलोन के बिरूध अगमबानी, जऊन ला आमोस के बेटा यसायाह ह दरसन म पाईस:2खाली पहाड़ी के टीप म एक ठन झंडा ठाढ़ करव,ओमन ला पुकारव;ओमन ला हांथ ले इसारा करवकि ओमन परभावसाली मनखेमन के दुवारमन म प्रवेस करंय।3मेंह ओमन ला हुकूम दे हंव, जेमन ला मेंह लड़ई बर तियार करे हंव;मेंह अपन कोप ला पूरा करे बर अपन ओ योद्धामन ला बलाय हंव—जेमन मोर जीत म आनंद मनाथें।4सुनव, पहाड़मन के ऊपर लेएक बड़े भीड़ सहीं हल्ला-गुल्ला सुनई देवत हवय!सुनव, राज-राजमन के बीच एक कोलाहल होवत हवय,मानो जाति-जाति के मनखेमन इकट्ठा होवत हवंय!सर्वसक्तिमान यहोवा ह युद्ध बरअपन सेना ला इकट्ठा करत हे।5ओमन दूर देस म ले,अकास के छोर म ले आथें—हव, यहोवा ह अपन कोप के हथियार के संगपूरा देस ला नास करे बर आवत हवय।6बिलाप करव, काबरकि यहोवा के दिन ह लकठा म हवय;येह सर्वसक्तिमान परमेसर करा ले सतियानास करे बर आही।7एकर कारन सब के हांथमन कमजोर हो जाहीं,हर मनखे के मन म डर हमा जाही।8आतंक ह ओमन ला जकड़ लीही,ओमन के पीरा अऊ सोक ह बढ़ जाही;ओमन छेवारी होवत माईलोगन सहीं छटपटाहीं।ओमन चकित होके एक-दूसर ला ताकहीं, अऊ ओमन के मुहूंमन जल जाहीं।9देखव, यहोवा के दिन ह आवत हवय—देस ला उजारेअऊ पापीमन ला ओमा नास करे बर कोपअऊ भयंकर कोरोध के संग एक निरदयता के दिन आवत हवय।10अकास के तारामन अऊ ओमन के तारा मंडलअपन अंजोर नइं दीहीं।सूरज ह निकलत-निकलत अंधियार हो जाहीअऊ चंदा अपन अंजोर नइं दीही।11मेंह संसार ला ओकर दुस्टता बरदुस्ट मनखे ला ओकर पाप बर दंड दूहूं।मेंह घमंडी के घमंड ला खतम कर दूहूंअऊ निरदयी मनखे के घमंड ला टोर दूहूं।12मेंह मनखेमन के गनती ला सुध सोन ले घलो कम,ओपीर के सोन ले घलो जादा दुरलभ कर दूहूं।13एकरसेति सर्वसक्तिमान यहोवा के कोप म,ओकर भड़के भयंकर कोरोध के दिनमेंह अकास ला कंपवाहूं;अऊ धरती ह अपन जगह ले डोलही।14सिकार करे गय हिरन के सहीं,बिन चरवाहा के भेड़मन के सहीं,ओमन अपन खुद के मनखेमन करा लहुंटहीं,ओमन भागके अपन-अपन देस चल दीहीं।15जऊन ह बंदी बनाय जाही, ओला छुरा भोंग दिये जाही;जऊन मन पकड़े जाहीं, ओ जम्मो के जम्मो तलवार ले मारे जाहीं।16ओमन के छोटे लइकामन ला ओमन के आघू म पटकके कुटा-कुटा कर दिये जाही;ओमन के घरमन लूट लिये जाहीं अऊ ओमन के घरवालीमन के संग कुकरम करे जाही।17देखव, मेंह ओमन के बिरूध मादीमन ला भड़काहूं,जेमन के मन म चांदी बर न तो कुछू मोह रहयअऊ न ही सोन के कोनो लालच।18ओमन के तीरमन जवानमन ला मार गिराहीं;ओमन छोटे लइकामन ऊपर कुछू दया नइं करहीं,अऊ न ही लइकामन ऊपर कुछू तरस खाहीं।19बेबिलोन, जऊन ह सब राजमन के मनि,बेबिलोनीमन के सोभा अऊ घमंड अय,ओला परमेसर ह सदोमअऊ अमोरा सहर के सहीं उखानके फेंक दीही।20पीढ़ी-पीढ़ी तक उहां न तो कोनो निवास करहींअऊ न ही उहां कोनो रहिहीं;घुमंतू जाति के मनखेमन न तो उहां डेरा डालहीं,अऊ न ही चरवाहामन अपन पसुमन ला उहां बईठाहीं।21पर मरू-भुइयां के पसुमन उहां रहिहीं,सियारमन ओकर घरमन म भर जाहीं;उहां उल्लूमन के बसेरा होही,अऊ उहां जंगली बोकरामन एती-ओती कूदहीं।22उहां के गढ़मन म हुंर्रामन केअऊ सुख-बिलास के महलमन म सियारमन के बसेरा होही।ओकर समय ह लकठा म हवय,अऊ ओकर दिनमन ला अऊ बढ़ाय नइं जावय।