1हे इसरायल, आनंद झन मना;आने देसमन सहीं आनंद म मगन झन हो।काबरकि तेंह अपन परमेसर के संग बिसवासघात करे हवस;तेंह हर एक कोठार मबेस्यागमन के कमई ला पसंद करथस।2कोठार अऊ अंगूर के रसकुंडमन ले मनखेमन ला खाना नइं मिलय;नवां अंगूर के मंद घलो ओमन ला नइं मिलही।3ओमन यहोवा के देस म रहे बर नइं पाहीं;एपरैम ह मिसर देस ला लहुंट जाहीअऊ अस्सूर म ओमन असुध चीजमन ला खाहीं।4ओमन यहोवा ला अंगूर के मंद के भेंट नइं चघाहीं,अऊ न ही ओमन के बलिदान ले परमेसर ह खुस होही।ओ किसम के बलिदान ओमन बर सोक करइयामन के रोटी सहीं अय;ओला खवइया जम्मो झन असुध हो जाहीं।ये जेवन ह ओमन के खुद बर होही;येला यहोवा के मंदिर म नइं लाय जाही।5तुमन अपन ठहिराय तिहारमन के दिन,यहोवा के भोजमन के दिन म का करहू?6कहूं ओमन बिनास के दिन बच निकलथें,त मिसर देस ह ओमन ला इकट्ठा करही,अऊ मेमफीस के निवासीमन ओमन ला माटी दीहीं।कंटिली झाड़ीमन ओमन के चांदी के चीजमन ला ले लीहीं,अऊ ओमन के तम्बूमन म कांटामन उगहीं।7सजा के दिनमन आवत हवंय,बदला लेय के दिनमन लकठा म हवंय।ये बात ला इसरायल जान लेवय।काबरकि तुम्हर पापमन बहुंत हवंयअऊ तुम्हर बईरता बहुंत जादा हवय,अगमजानी ला मुरूख,अऊ आतमा ले उकसाय मनखे ला बइहा समझे जाथे।8अगमजानी ह मोर परमेसर के संगएपरैम के ऊपर पहरेदार हवय,तभो ले ओकर जम्मो रद्दा म फांदा लगे हवय,अऊ ओकर परमेसर के घर म बईरता हवय।9ओमन गिबा के समय के सहींबहुंत भ्रस्टाचार म पड़े हवंय।परमेसर ह ओमन के दुस्ट काममन ला सुरता करहीअऊ ओमन के पाप बर ओमन ला सजा दीही।10“मेंह इसरायल ला अइसने पायेंव,जइसने कोनो ला निरजन जगह म अंगूर मिलथे;जब मेंह तुम्हर पुरखामन ला देखेंव,त येह अंजीर के रूख म लगे सुरूआती फर ला देखे सहीं रिहिस।पर जब ओमन बाल-पेओर पहाड़ म आईन,त ओमन ओ लज्जा के मूरती बर अपनआप ला पबितर करिनअऊ ओमन ओतेक दुस्ट हो गीन, जतेक ओमन ओ चीजमन ले मया करत रिहिन।11एपरैम के गौरव ह चिरई असन उड़ जाही—न तो काकरो जनम होही, न कोनो देहें म होही, अऊ न ही कोनो ला गरभ ठहिरही।12चाहे ओमन अपन लइकामन के पालन-पोसन करंय, त घलो,मेंह हर एक ला ओमन ले लेय लूहूं।ओमन ऊपर हायजब मेंह ओमन ले दूरिहा हो जावंव!13मेंह एपरैम ला सूर के सहींमनभावन जगह म बसे हुए देखे हंव।पर एपरैम ह अपन लइकामन लाबध करइया करा ले आही।”14हे यहोवा, ओमन ला दे—तेंह ओमन ला का देबे?ओमन ला अइसन गरभ दे, जेकर ले गरभपात हो जाथेअऊ अइसन थन दे, जेकर ले दूध नइं आवय।15“गिलगाल सहर म ओमन के जम्मो दुस्ट काम के कारन,उहां मेंह ओमन ले घिन करेंव।ओमन के पापमय काममन के खातिर,मेंह ओमन ला अपन घर ले निकाल दूहूं।मेंह ओमन ले अब मया नइं रखहूं;ओमन के जम्मो अगुवामन बिदरोही अंय।16एपरैम ला बेमारी लग गे हवय,ओमन के जरी ह सूखा गीस,ओमन म फर नइं लगय।चाहे ओमन लइकामन ला जनमांय घलो,तभो ले मेंह ओमन के पाले-पोसे लइकामन ला मार डारहूं।”17मोर परमेसर ह ओमन ला स्वीकार नइं करहीकाबरकि ओमन ओकर बात ला नइं माने हवंय;ओमन जाति-जाति के मनखेमन के बीच म भटकत फिरहीं।