इब्रानिन4bhu_twf
1भगवान के सुस्ताय के रोज के जिघा हे घुसे के ऊ टीमा अबे तक हबै, ता हमही डेराय चाही असना झइ होय कि तुम्हर मसे कउनो अयोग ठहरै अउ ओहमा घुसै लग दुरिहां झइ रही पामै।2काखे हमके उहैमेर संदेस सुनाय गय हबै, जउन संदेस उन सुनथै, ओखर कउनो फायदा नेहको हुइस, काखे आय बाले बिस्वास नेहको करिन।3इहैनिता अगर हम बिस्वासी बन गय हबन ता हम भगवान के ऊ सुस्ताय के रोज के जिघा हे जथन, जेखर बारे हे ऊ कथै,“मै गुसाय के हइ किरिया खाय रहों,इन मोर सुस्ताय के रोज के जिघा हे कबहुं नेहको जाय पइहीं।”भगवान के काम दुनिया के बनाय के बाद बढाय जथै।4काखे मूसा कर किताब सतमा रोज के बारे हे हइ कथै, “भगवान अपन सगलू काम बढोय के सतमा रोज सुस्ताइस।”5अउ फेर हइ जिघा हे कथै, “इन मोर सुस्ताय के रोज के जिघा हे नेहको घुस पइहीं।”6जिनही पहिले संदेस सुनाय रहिन उन आदेस नेहको मानै के कारन उन तो सुस्ताय के रोज हे नेहको परवेस के सकिन, पय अउ झन के निता सुस्ताय के रोज के दूरा अबे उघरे हर हबै।7इहैनिता भगवान फेर अक्ठी खास दिन ठहराय हबै अउ ओखर नाम दय हबै “आज” कुछ टेम के बाद दाऊद के दवारा भगवान ऊ रोज के बारे हे बचन हे कहे गय रथै,“अगर आज तै ओखर आरो सुनिहा,ता अपन मन के कठोर झइ करा।”8अगर यहोसू इस्राएलन के सुस्ताय के रोज के जिघा हे लइ गय होतिस, ता बाद हे कउनो अउ रोज के बारे हे बात नेहको करतिस।9इहैनिता अभिन्नो भगवान के मनसेन के निता पवितर दिन आराधना के रोज बने हबै।10जउन मनसे भगवान के सुस्ताय के रोज के जिघा हे गइस, ऊ “यीसु” अपन काम बढोय के उहै मेर सुस्ताय हबै, जउन मेर भगवान अपन काम बढोय के सुस्ताइस।11इहैनिता हम ऊ सुस्ताय के रोज के जिघा हे जाय के निता पूर-पूर परयास करा, कहुं असना झइ होय कि उनखर मेर आदेस झइ मानै अउ कउनो मनसे गढहा हे गिर जाय।12भगवान के बचन जिन्दा अउ किरयासील हबै, ऊ कउनो दुइधारी तलबार लग बडके चोंख हबै अउ परान अउ आतमा के अउ गांठ-गांठ अउ गूदा-गूदा के अलगे करके आर-पार छेदथै अउ हिरदय के आदत अउ मन के जानथै।13भगवान के दवारा बनाय हर दुनिया हे कउनो चीज भगवान लग लुके नेहको हबै, ओखर आंखी के आगू सगलू चीज खुलेहर अउ परगट हबै, उहै के हम हिसाब देयका पडही।