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महान उद्धार

1येकोलायी हम्ख अऊर जादा सावधानी को संग, जो सत्य कि बाते जो हम न सुनी, अऊर भी मन लगायो, असो नहीं होय कि बहक क उन्को सी दूर चली जाये।2कहालीकि जो सन्देश स्वर्गदूतों सी हमरो बापदादों ख कह्यो गयो होतो, जिन्न ओको उल्लंघन करयो ओख दण्ड मिल्यो जेको हि उचित होतो,3त हम असो बच सकजे हय यदि हम यो महान उद्धार पर हमरो ध्यान नहीं दे? जेको बारे म प्रभु न पहिले हम्ख बतायो, अऊर जिन्न ओख सुन्यो ऊ हमरो लायी निश्चय भयो कि ऊ उद्धार सत्य हय।4अऊर संगच परमेश्वर भी अपनी इच्छा को अनुसार चिन्हों, अऊर अचम्भा को कामों, अऊर अलग अलग तरह को सामर्थ को कामों, अऊर पवित्र आत्मा को वरदानों को बाटन को द्वारा येकी गवाही देतो रह्यो।

हमरो उद्धारकर्ता को मार्गदर्शन

5परमेश्वर न ऊ आवन वालो जगत ख जेकी चर्चा हम कर रह्यो हंय, स्वर्गदूतों को अधीन नहीं करयो।6बल्की कोयी न पवित्र शास्त्र म यो गवाही दी हय,“त आदमी का हय कि तय ओकी चिन्ता करे?यो आदमी को बेटा का हय कि तय ओकी चिन्ता करे?7तय न ओख स्वर्गदूतों सी कुछच कम करयो;तय न ओको पर महिमा अऊर आदर को मुकुट रख्यो,8अऊर उन्ख पूरी चिजों पर शासक बनाय दियो।”येकोलायी यो कह्य हय कि परमेश्वर न उन्ख, पूरी चिजों पर शासक बनायो हय, येको म स्पष्ट रूप सी सब कुछ शामिल हय। पर हम सब चिजों पर शासन करन वालो आदमियों ख नहीं देखजे हंय।9पर हम यीशु ख जो स्वर्गदूतों सी कुछच कम करयो गयो होतो, मृत्यु को दु:ख उठावन को वजह महिमा अऊर आदर को मुकुट पहिन्यो हुयो देखजे हंय, ताकि परमेश्वर को अनुग्रह सी ऊ हर एक आदमी लायी मरे।10यो परमेश्वर को लायी सही होतो, जेन सब बातों ख बनायो अऊर सम्भाल्यो रख्यो, यीशु ख भी यातनावों को द्वारा परिपूर्ण बनानो चाहिये ताकी बहुत सो सन्तान ओकी महिमा म सामिल होय सके। कहालीकि यीशुच एक हय जो उन्ख उद्धार को तरफ ले जावय हय।11ऊ लोगों ख उन्को पापों सी पवित्र करय हय अऊर हि दोयी ऊ पवित्र करयो हुयो, सब एकच परिवार को आय। येकोलायी यीशु उन्ख अपनो भाऊ कहनो सी नहीं लजावय।12ऊ परमेश्वर सी कह्य हय,“मय तोरो नाम अपनो भाऊवों अऊर बहिनों ख सुनाऊ;अऊर सभा को बीच म मय तोरी प्रशंसा करू।”13अऊर ऊ यो भी कह्य हय “मय अपनो भरोसा परमेश्वर पर रखू।” अऊर कह्य हय, “मय यहां परमेश्वर न दी हुयी सन्तान को संग हय।”14येकोलायी जब कि लड़का मांस अऊर खून को भागी हंय, त यीशु खुदच उन्को जसो उन्को सहभागी भय गयो, ताकि मृत्यु को द्वारा ओख जो मृत्यु पर शक्ति मिली भी, मतलब शैतान ख नाश कर दे;15योच रीति सी जितनो मृत्यु को डर को वजह जीवन भर गुलामी म फस्यो होतो, उन्ख छुड़ाय लेजो।16कहालीकि यो निश्चित हय कि ऊ स्वर्गदूतों की नहीं बल्की अब्राहम को वंश ख मदत करय हय।17यो वजह ओख चाहिये होतो, कि सब बातों म अपनो भाऊवों को जसो बने; जेकोसी ऊ उन बातों म जो परमेश्वर सी सम्बन्ध रखय हंय, एक दयालु अऊर विश्वास लायक महायाजक बने ताकि लोगों को पापों की माफी लायी प्रायश्चित करे।18कहालीकि जब ओन परीक्षा की दशा म दु:ख उठायो, त ऊ उन्की भी मदत कर सकय हय जेकी परीक्षा होवय हय।