1परमेश्वर को यो वचन मोरो जवर पहुंच्यो :2“हे आदमी की सन्तान, अपनो मुंह सेईर पहाड़ी को तरफ कर क् ओको खिलाफ भविष्यवानी कर,3अऊर ओको सी कह्य, परमेश्वर यहोवा यो कह्य हय :”हे सेईर पहाड़ी, मय तोरो खिलाफ हय;मय अपनो हाथ तुम्हरो खिलाफ बढ़ाऊं अऊर उजाड़ जमीन बनाय देऊं।4मय तोरो नगरों ख खण्डर बनाय देऊं,अऊर तय उजाड़ होय जाजो;तब तय जान लेजो कि मय परमेश्वर आय।5कहालीकि तय पुरानो समय सी इस्राएलियों को संग दुश्मनी रखत होतो, अऊर ओकी विपत्ति को समय जब उन्को अधर्म को समय आयो, तब उन्ख तलवार सी मार डाल्यो गयो होतो।6येकोलायी परमेश्वर यहोवा की या वानी हय : मोरो जीवन की कसम, मय तोख हत्या को लायी तैयार करूं अऊर हत्या को खून तोरो पीछा करेंन; तुम्ख त खून सी घृना नहाय, यो वजह हत्या को खून तोरो पीछा करेंन।7यो रीति सी मय सेईर पहाड़ी देश ख उजाड़ कर देऊं, अऊर जो कोयी ओको म सी होय क जायेंन, मय ओख मार डालूं।8मय ओको पहाड़ियों ख लोथों सी भर देऊं; तोरो टीला, घाटी अऊर सब नालां म युद्ध म मरयो हुयो लोगों को लोथों सी भर देऊं।9मय तोख हमेशा लायी उजाड़ देऊं, अऊर तुम्हरो नगरों म फिर कोयी नहीं बसेंन। तब तुम जान लेवो कि मय परमेश्वर आय।10“कहालीकि तय न कह्यो हय, ‘हि दोयी राज्य अऊर हि दोयी देश यहूदा अऊर इस्राएल मोरोच आय; अऊर हमच उन्को अधिकारी होय जाबोंन,’ पर मय परमेश्वर वहां होतो।11यो वजह, परमेश्वर यहोवा की या वानी हय, मोरो जीवन की कसम, तोरो कोप को अनुसार, अऊर जो जलजलाहट तय म उन पर अपनी दुश्मनी को वजह करी हय, ओकोच अनुसार मय तोरो सी बर्ताव करूं, अऊर जब मय तोरो न्याय करूं, तब तुम म अपनो आप ख प्रगट करूं।12तब तय जानजो कि मय परमेश्वर न तोरी सब तिरस्कार की बाते सुनी हय, जो तय न इस्राएल को पहाड़ियों को बारे म कह्यो हय, ‘हि त उजड़ गयो, हि हम्खच दियो गयो हंय कि हम उन्ख हड़प डाले।’13तुम न अपनो मुंह सी बड़ी बड़ी बाते करी, अऊर मोरो खिलाफ बहुत बाते कहीं हय; येख मय न सुन्यो हय।”14परमेश्वर यहोवा यो कह्य हय : जब पूरी धरती खुशी मनायेंन, तब मय तोख उजाड़ देऊं।15तय इस्राएल को घराना को निजी हिस्सा को उजड़ जान को वजह खुश भयो हय, येकोलायी मय भी तोरो सी वसोच करूं; हे सेईर पहाड़, हे एदोम को पूरो देश, तय उजड़ जाजो। तब हि जान लेयेंन कि मय परमेश्वर आय।