1इस्राएल को मुखियावों को बारे म तय यो विलापगीत सुनाव :2तोरी माय एक कसी सिंहनी होती!वा सिंहों को बीच म बैठत होती अऊर अपनो बच्चां ख जवान सिंहों को बीच म पालन पोसन करत होती।3अपनो बच्चा म सी ओन एक ख पाल्यो अऊर ऊ सिंह जवान भय गयो, अऊर ऊ शिकार करनो सीख गयो;ओन आदमियों ख भी फाड़ खायो।4राज्य राज्य को लोगों न ओको बारे म सुन्यो,अऊर ओख अपनो खोद्यो हुयो गड्डा म फसायो,अऊर ओको नाक म हुक डाल क मिस्र देश म ले गयो।5जब ओकी माय सिंहनी न देख्यो कि ओकी आशा पूरी नहीं भयी,ओकी आशा टूट गयी,तब ओन अपनो एक बच्चा ख पाल्यो अऊर ओख जवान सिंह बनायो।6तब ऊ सिंह जवान होय क सिंहों को बीच चलन फिरन लग्यो,अऊर ऊ भी शिकार करनो सीख गयो;अऊर आदमियों ख भी फाड़ खायो।7ओन उन्को भवनों ख नाश कर दियो,अऊर उन्को नगरों ख उजाड़ दियो,पूरो देश अऊर ओको म रहन वालो सब लोग ओकी दहाड़ सी डर गयो।8तब चारयी तरफ को राज्य राज्य को लोगअपनो अपनो प्रान्त सी ओको खिलाफ भय गयो,अऊर ओको लायी जार बिछायो;अऊर ऊ उन्को खोद्यो हुयो गड्डा म फस गयो9तब उन्न ओको नाक म हुकडाल क कठघरा म बन्द कर क्बेबीलोन को राजा को जवर ले गयो,अऊर किल्ला म पिंजरा को अन्दर बन्द कर दियो,ताकी ओकी दहाड़ इस्राएल को पहाड़ी देश म फिर कभी सुनायी नहीं दे।10तोरी माय जेकोसी तय पैदा भयो,वा किनार पर लगायो गयो अंगूर की बाड़ी म अंगूर एक बेला को समान होती,अऊर गहरो पानी को वजह फरअऊर डगालियों सी लदी होती।11ओकी डगालियां मजबूत होती,अऊर एक शासन करन वालो राजा को राजदण्ड बनन लायक होती;अऊर ओकी ऊंचायी इतनी भयी कि वा बादलो तक पहुंच गयी;अऊर अपनी बहुत सी डगालियों समेत बहुतच लम्बी भय गयी।12तब भी ओख क्रोध म भर क उखाड़ कजमीन पर फेक दियो गयो,अऊर ओको फर पूर्व की हवा लगन सी सूख गयो;अऊर ओकी मोटी डगालियां टूट क सूख गयी;अऊर ओख आगी म जलाय क नाश कर दियो गयो।13अब ओख निर्जन प्रदेश म एकसूखी अऊर प्यासी जमीन म लगायो गयो हय।14ओकी मुख्य डगाली म सी आगी निकली,जेकोसी ओको फर जर क भस्म भय गयो,ओको म अऊर कोयी मजबूत डगाली नहीं बची जो शासन करन वालो को राजदण्ड को लायी लायक हो,यो एक विलापगीत आय,अऊर यो एक विलापगीत को रूप म प्रचलित हय।