1लेवी को घरानो को एक आदमी न एक लेवी वंश की बाई सी बिहाव कर लियो।2वा बाई गर्भवती भयी अऊर ओको एक बेटा पैदा भयो; अऊर यो देख क कि यो बच्चा सुन्दर हय, ओन ओख तीन महीना तक लूकाय क रख्यो।3जब वा ओख अऊर लूकाय नहीं सकी तब ओको लायी सरकंडों की एक टोकनी ले क ओको पर डामर को लेप लगायी, अऊर ओको म बच्चा ख रख क नील नदी को किनार पर लम्बी घास को बीच म रख दी।4ऊ बच्चा की बहिन यो देखन लायी कुछ दूर खड़ी होती कि ओको संग का होवय हय।5तब फिरौन की बेटी आंग धोवन लायी नदी को किनार पर आयी। ओकी दासियां नील नदी को किनार पर घुमत होती। अचानक फिरौन की बेटी न ऊचो घास म टोकनी ख देख क अपनी सेविका ख ओख लावन लायी भेज्यो।6जब ओन ओख खोल्यो त देख्यो कि एक बच्चा हय, जो रोय रह्य हय, तब ओको पर दया आयी अऊर ओन कह्यो, “यो त कोयी इब्रियों को बच्चा आय।”7तब बच्चा की बहिन न फिरौन की बेटी सी कह्यो, “का मय जा क इब्री बाईयों म सी कोयी बाई ख बुलाय क ले आऊं, जो तोरो लायी बच्चा ख दूध पिलायो करेंन?”8फिरौन की बेटी न कह्यो, “जावो।” तब टुरी जाय क बच्चा की माय ख बुलाय क आयी।9फिरौन की बेटी न ओको सी कह्यो, “तय यो बच्चा ख लिजाय क मोरो लायी दूध पिलायो कर, अऊर मय तोख मजूरी देऊं।” तब वा बाई बच्चा ख लिजाय क दूध पिलान लगी।10जब बच्चा थोड़ो बड़ो भयो तब कुछ समय को बाद ओख फिरौन राजा की बेटी को जवर ले गयी, अऊर ओन बच्चा ख अपनो टुरा मान लियो; अऊर ओन यो कह्य क ओको नाम मूसा रख्यो, “मय न येख पानी सी निकाल्यो होतो।”
मूसा मिद्यान देश ख भग जानो
11जब मूसा बड़ो भयो, तब उन दिनों म ऊ बाहेर अपनो भाऊ-बन्धुवों को जवर जाय क उन्को दु:खों पर नजर रखन लग्यो; तब ओन देख्यो कि एक मिस्री आदमी ओको एक इब्री भाऊ ख मार रह्यो हय।12ओन इत उत देख्यो कि कोयी नहाय, त ऊ मिस्री आदमी ख मार डाल्यो अऊर रेतु म लूकाय दियो।13दूसरो दिन बाहेर दोय इब्री आदमी आपस म लड़ाई कर रह्यो हंय। मूसा न देख्यो कि ओको म एक गलत हय, त मूसा न ओख बोल्यो “तय अपनो संगी ख कहाली मारय हय?”14ओन कह्यो, “कौन न तोख हम लोगों पर शासक अऊर न्याय करन वालो ठहरायो? का तुम मोख मारन आयो हंय, जसो तुम न मिस्री आदमी ख मार डाल्यो होतो?” तब मूसा यो सोच क डर गयो, कि “निश्चय ऊ बात खुल गयी हय जो मय न करयो होतो।”15जब फिरौन न यो बात सुन्यो कि मूसा न यो का करयो तब ओख मारन लायी देखन लग्यो। पर मूसा फिरौन सी दूर भग गयो, अऊर मिद्यान देश म जाय क रहन लग्यो; अऊर ऊ उत एक कुंवा को जवर बैठ गयो।16मिद्यान देश को याजक की सात बेटियां होती; अऊर हि कुंवा पर अपनो बाप की शेरी-मेंढी लायी डोगी म पानी भरन आयी होती।17तब कुछ चरवाहे आय क उन्ख हटान लग्यो; तब मूसा उठ्यो उन्न याजक की टुरियों की मदत करी अऊर शेरी-मेंढी ख पानी पिलायो।18जब वा अपनो बाप रूएल को जवर वापस गयी, तब ओको बाप न उन्ख पुच्छ्यो, “का वजह हय कि अज तुम इतनो जल्दी वापस आय गयी।”19उन्न कह्यो, “एक मिस्री आदमी न हम ख चरवाहों सी बचायो, अऊर हमरो लायी बहुत पानी भर क् शेरी-मेंढी ख पानी पिलायो।”20तब ओन अपनी बेटियों सी कह्यो, “ऊ आदमी कित हय? तुम ओख कहाली छोड़ आयी हय? ओख बुलाय क लावो कि ऊ हमरो संग जेवन करेंन।”21अऊर मूसा उन्को संग रहन लायी तैयार भय गयो। ओन अपनी बेटी सिप्पोरा को बिहाव मूसा को संग कर दियो।22ओन एक टुरा ख जनम दियो, तब मूसा न यो कह्यो, “मय यो देश म परदेशी हय,” येकोलायी ओको नाम गेर्शोम रख्यो।23बहुत साल को बाद मिस्र देश को राजा मर गयो। इस्राएली लोगों ख गुलामी म कठिन काम करनो पड़त होतो। अऊर हि मदत लायी चिल्लावत होतो, अऊर उन्की दोहायी जो कठिन काम को वजह हुयी ऊ परमेश्वर तक पहुंची।24परमेश्वर न उन्को दु:ख ख सुन्यो अऊर अपनो वाचा ख, जो ओन अब्राहम, इसहाक, अऊर याकूब को संग बान्धी होती, याद करयो।25अऊर परमेश्वर न इस्राएलियों की दुर्दशा पर नजर कर क् उन पर मन लगायो।