निर्गमन10lbm_twf

आठवी विपत्ति

फाफावों को आक्रमन

1तब परमेश्वर न मूसा सी कह्यो, “फिरौन राजा को जवर जावो; कहालीकि मय नच ओको अऊर ओको कर्मचारियों को मन कठोर कर दियो हय कि उन्को बीच म अपनो चिन्ह चमत्कार ख दिखाऊं;2अऊर तुम अपनो बेटों अऊर नातियों सी येको वर्णन करो कि परमेश्वर न मिस्रवासियों ख कसो ठट्ठा म उड़ायो अपनो का का चिन्ह चमत्कार उन्को बीच म प्रगट करयो हय; जेकोसी तुम यो जान लेवो कि मय परमेश्वर आय।”3मूसा अऊर हारून फिरौन को जवर जाय क कह्यो, “इब्रियों को परमेश्वर यहोवा तोरो सी असो कह्य हय, ‘तय कब तक मोरो आगु नम्र होन सी संकोच करतो रहजो? मोरो लोगों ख जान नहीं दे, कि हि मोरी आराधना कर सके।4यदि तय मोरी लोगों ख जान नहीं देजो त, कल मय तोरो देश पर फाफावोंख ले आऊं,5अऊर फाफावों पूरो जमीन ख असो झाक लेयेंन कि वा कोयी ख दिखायी नहीं पड़ेंन; अऊर जो कुछ गारगोटी सी बच गयो हय ओख हि खाय जायेंन, अऊर तुम्हरो जितनो मैदान म लग्यो हय उन्को भी हि चट कर देयेंन,6अऊर हि तोरो अऊर तोरो पूरो कर्मचारियों, यहां तक कि पूरो मिस्रियों को घरों म भर जायेंन; इतनो फाफावों ख तोरो बाप दादों न यां उन्को पूर्वजों न जब सी धरती पर जनम्यो तब सी अज तक कभी नहीं देख्यो।’” तब मूसा मुड़ क फिरौन को जवर सी बाहेर चली गयो।7तब फिरौन राजा को कर्मचारियों न फिरौन सी कह्यो, “ऊ आदमी कब तक हमरो लायी मुसीबत बन्यो रहेंन? इस्राएलियों ख जान दे कि हि अपनो परमेश्वर यहोवा की आराधना कर सकय। का तय अब भी नहीं जानय कि पूरो मिस्र देश नाश भय गयो हय?”8मूसा अऊर हारून फिरौन राजा को जवर वापस लायो गयो। अऊर फिरौन राजा न उन्को सी कह्यो, “चली जावो, अपनो परमेश्वर यहोवा की आराधना करो; पर जो जान वालो हय, हि लोग कौन-कौन आय?”9मूसा न उत्तर दियो, “हम त पूरो बेटा-बेटियां, मेंढी-शेरियां, गाय-बईलों समेत बल्कि बच्चा सी बूढ्ढा तक सब जाबोन, कहालीकि हम्ख परमेश्वर लायी त्यौहार मनानो हय।”10फिरौन राजा न यो तरह उन्को सी कह्यो, “परमेश्वर तुम्हरो संग रहे यदि मय तुम्ख बच्चां समेत जान देऊ हय; त देखो, तुम्हरो मन म बुरायी हय।11नहीं! असो नहीं होय सकेंन; तुम आदमीच जावो अऊर परमेश्वर की आराधना करो। तुम असोच त चाहत होतो।” मूसा अऊर हारून ख फिरौन को आगु सी निकाल दियो गयो।12तब परमेश्वर न मूसा सी कह्यो, “मिस्र देश को तरफ अपनो हाथ उठाय क कि फाफावों को झुण्ड मिस्र देश पर चढ़ क् जमीन को जितनो अनाज आदि गारगोटी सी बच्यो हय सब खाय जाये।”13जब मूसा न मिस्र देश की तरफ अपनी लाठी उठायी, तब परमेश्वर न पूरो मिस्र देश पर पूरो दिन अऊर रात पूर्व दिशा की हवा चलायी; अऊर जब भुन्सारे भयी तब ऊ हवा को संग फाफावों को झुण्ड भी आयो।14अऊर फाफावों न चढ़ क पूरो मिस्र देश म फैल गयो। उन्को झुण्ड बहुत बड़ो होतो, उन सी पहले असो फाफा नहीं आयो होतो, अऊर नहीं उन्को बाद असी कभी आयेंन।15हि त फाफावों न जमीन ख असो झाक दियो, कि पूरो देश म अन्धारो छाय गयो। उन्न देश को पूरो पौधों ख, अऊर झाड़ को फरों ख, उन्को पूरो अनाज जो कुछ गारगोटी की बारीश सी बच्यो होतो, सब ख खाय लियो; पूरो मिस्र देश म कोयी भी हरी चिज नहीं बची, अऊर मैदान को पौधा अऊर झाड़ नहीं।16तब फिरौन न तुरतच मूसा अऊर हारून ख बुलाय क अऊर उन्को सी कह्यो, “मय न तुम्हरो परमेश्वर यहोवा को अऊर तुम्हरो भी खिलाफ पाप करयो हय।17अब मोरो पाप ख एक बार अऊर माफ करो, अऊर अपनो परमेश्वर यहोवा सी बिनती करो कि ऊ मोरो ऊपर सी मृत्यु दण्ड ख दूर करे।”18मूसा फिरौन राजा को जवर सी बाहेर चल्यो गयो अऊर परमेश्वर सी प्रार्थना करी।19तब परमेश्वर न पूर्व को हवा ख बदल क बहुत भयानक पश्चिम हवा बहायो अऊर फाफावों ख उड़ाय क लाल समुन्दर म डाल दियो, अऊर मिस्र देश को कोयी जागा म एक भी फाफा नहीं रह्यो।20पर परमेश्वर न फिरौन राजा ख कठोर बनाय दियो, अऊर ओन इस्राएलियों ख जान नहीं दियो।

नववी विपत्ति

अन्धकार

21तब परमेश्वर न मूसा सी कह्यो, “अपनो हाथ आसमान की तरफ उठा कि मिस्र देश पर असो अन्धारो छाय जाये, कि टटोल्यो जाय सके।”22तब मूसा न अपनो हाथ आसमान की तरफ बढ़ायो, अऊर पूरो मिस्र देश पर तीन दिन तक घोर अन्धारो छायो रह्यो।23मिस्र निवासी तीन दिन तक कोयी ख नहीं देख सक्यो, अऊर नहीं कोयी अपनी जागा सी उठ्यो; पर पूरो इस्राएलियों को घरों म उजाड़ो होतो।24तब फिरौन राजा न मूसा ख बुलाय क कह्यो, “तुम जावो, अऊर परमेश्वर की आराधना करो; अपनो संग बच्चा ख भी ले जावो; केवल अपनी शेरी-मेंढियों अऊर गाय-बईल ख छोड़ जावो।”25मूसा न कह्यो, “तोख हमरो हाथ म मेलबलि अऊर होमबलि को जनावर भी देनो पड़ेंन, जिन्ख हम अपनो परमेश्वर यहोवा लायी बलिदान चढ़ायबो।26येकोलायी हमरो जनावर भी हमरो संग जायेंन, उन्की एक खुरी भी नहीं रह्य जायेंन, हम अपनो परमेश्वर की आराधना लायी उन्ख अपनो संग ले जाबोंन, जब तक हम उत नहीं पहुंच जाय, तब तक नहीं जानजे कि हम अपनो परमेश्वर की आराधना कसो करबोंन।”27पर परमेश्वर न फिरौन राजा को मन कठोर कर दियो, अऊर ऊ उन्ख जान नहीं दियो।28तब फिरौन राजा न मूसा सी कह्यो, “मोरो आगु सी निकल जा; अऊर सावधान रह्य; मोख अपनो मुंह फिर मत दिखाजो; कहालीकि जो दिन तय मोख मुंह दिखाजो, ओन दिन तय मारयो जाजो।”29तब मूसा न फिरौन राजा सी कह्यो, “तय न ठीक कह्यो हय; मय तोरो मुंह ख फिर कभी नहीं देखूं।”