इपिसियो5goj_twf

दिव्वा मे होनु

1परमेश्वर को लाडका बच्चा होन का नाता, तुम परमेश्वर का पीछे चलनआलो बन.2तुम्हारो स्वभाव प्रेम से र्‍हेव, जो रंग से मसीह ने तुमसे प्रेम कर्‍यो हइ. व्हा हमारा लिये परमेश्वर का सामने खुद मनमोहन गधानआलो चडयो अरु बलि हुय गयो.3जसो कि पवित्र दुन्या का लिये बरोबर हइ, तुम्हारा बीच कोय भी अपवित्र रंग को लोभी को वर्णन तक नी हय.4अरु नी हय तुम्हारा बीच बिना लाजवाने अरु मूर्खता भरी बातचीत या असली मजाक हय, जो हमेशा ही व्यर्थ हइ पन तुम्हारा बीच धन्यवाद ही सुनायो जाह्ये5क्युकि तुम या अच्छी रीति से समजस हय कि कोय भी व्यभिचारी, मलिन अरु लोभी इन्सान कि जो मूर्तिपूजक ही हइ, मसीह अरु परमेश्वर का राज मे मीरास नी हइ.6कोय तुमखे व्यर्थ की बात की जाल मे नी फसी मील्हे क्युकि या सबको करण अनाज्ञाकारी इन्सान परमेश्वर की घुस्सा को भागी होस हइ.7येका लिये उनको हिस्सेदार नी बन्यो.8येका पयलो तुम अंधारामे था, मगर अब प्रभु मे उजालो हय. येका लिये उजाला का बच्चा का जसा चल.9क्युकि उजालो का धार्मीकता को फल सब रंग को अच्छो न्‍यायी, सदाचार अरु सच्ची मे हइ.10अरु ह्या देख्यो कि प्रभु खे पसन्द हइ.11अंधारा का महिनत काम मे सामील नी हुये क्युकी उन पर उलाहन देस.12व्हा उनका गुप्त काम कि चर्चा भि लाज कि बात करस.13पर जेत्तो काम पर उलाहन दियो जाये कि वे सब दिव्वो से प्रगट होस हुए क्युकि वे सब कुछ खे प्रगट करस हइ उ दिव्वो हइ.14येका लिये की वु बोलस हइहे सोनआला,जाग उन मुर्दा मे से जिन्दो उट.वे मसीह कि दिवा तरा पर चमकीये.15येका लिये ध्यान से देखनु. कि कसी चाल चलास वे बिनाबुध्दी, समान नी पर अक्कलआला, समान चलास.16अवसर खे किमती समझे किक्यु दिन बुरा हइ.17एका लिये बिनाबुध्दी नी हो पर ध्यान से समजिओ कि प्रभु कि इच्छा का हइ.18अंगूर रस से मतवालो नी बनीयो क्युकि असो लुच्चोपना होस हइ, वे पर आत्मा से पुरो होते जास.19अरु आसपास मे भक्ती को गिद अरु आत्मीक गिद गयो कर, अरु अपनो अपनो मन मे प्रभु का सामने गातो अरु किर्तन करते र्‍हे.20अरु कभी भी सब का लिये हमरो प्रभु यीशु मसीह को नाम से परमेश्वर बाप को धन्यवाद करतो र्‍हेस.

लोग अरु लुगय

21मसीह का डर से एक दुसरा का सात र्‍हेनु.22हे लुगेनहोन,अपना अपना अदमी को असो अधीन रेस जसो प्रभु को.23क्युकी अदमी लुगेन को माथो हइ जसो की मसीह मंडली को माथो हइ अरु स्वयं ही आंग को उद्धारकर्ता हइ.24पर जसो मंडली मसीह को अधीन हइ वोसो ही लुगेन भी हर बात मे अपना अपना अदमी, सात मे रेस.25हे लोगहोन, अपनी अपनी लुगय से प्रेम रख जसो मसीह ने भी मंडली से प्रेम कर अपना आप खे ओका लिये दि दियो.26कि वोको वचन का वजेसे पानी से अच्छो करीखे पवित्र बनह्ये,27अरु वोखे एक असी तेजस्वी मंडली बनयखे अपना पास खडो कर्‍हे, जमे नीष्कलंक, नी झुरी नी कोय अरु असो चिज हय क्युकी पवित्र अरु नीर्दोस हय.28यो रंग अच्छो हइ कि लोग अपनी अपनी लुगय से अपनी आंग का जसो प्रेम रख. जो अपनी लुगय से प्रेम रखस हइ, व्हा अपनो आप से पिरेम रखस हइ.29क्युकि कोय ने कभी आंग से फरक नी रख्यो क्युकि ओको पाल्यो पोषण करस हइ, जसो मसीह भी मंडली को करस हइ.30येका लिये कि हम ओकी आंग को भाग हइ.31यो कारन इन्सान अपना माय बाप खे छोडी खे अपनी लुगय से मील्यो र्‍हियो, अरु वे दो एक जान हुया.32यो भेद बडो हइ, पर मी यो मसीह अरु मंडली, बारे मे बोलस हय.33पर तुम मे से हर एक अपनी लुगय से अपना सामने प्रेम रख, अरु लुगय भी अपनो लोग को डर माननु.स