1नेकी माळ अदिक दरिया दा हाक्क, हापाळ दिनगोळ बाद्दा भी नी प्रतिफल प्राप्त माळ सकत्या.2येळ, ईला येठ्ठ मंळसागोळ इक भाग कोळी, यतिकी नी जानसाल्द, कि ई पृथ्वी दा याग नीन मा विपत्ति होट बरूल.3अगर बादल नीर देल तुमकु आव, रा अव खुद भूमी मा बरसुस्याव. चाहे मार्र दक्षिण इन दी बिळुल, चाहे अव उत्तर इन दी बिळुल, अव या जागा मा बिदकु आव, अव अल्या बिदकु ईत्ताव.4जो किसान हवा अक ताक्सतान, आव बींजा बोऊस सकालुन, जो बादल इन अच विचार माळतान, आव फसल कडु सकालुन.5जसा नीव जानसालीर कि गर्भवती इन व्हाट्टा अन चिग्द दा जीव ह्यांग बिळतद, हांग अच नीव परमेश्वर उन क्याल्सागोळ इन सम्स सकालीर, जो सप्पा मुंदरी माळतान.6प्रांत: काल दा तान बींजा बोऊसोद शुरू माळी, अदिक द्यावगा भी तान कय रोक्स बाळी, अदिक क्याल्सा माळतेला ईरी, यतिकी नीव जानसालीर कि नीम इक याता क्याल्सा दा सफलता सिक्कीत ई क्याल्सा दा या आ क्याल्सा दा, या येढ्ढु दा.7सूर्य अन्द प्रकाश प्रिय हततद, बिसुल कण्णगोळ इक सुख पहुचुसतद.8अगर मंळसा हापाळ वर्ष ताका जीत्ता ईरतान रा आऊक चाहास पायजे कि आव तान उमर इन सप्पा वर्षगोळ दा जीवन इन आनन्द ताकोमुल, लेकीन आव याद ईटुल कि अंधकार इन दिन भी कम आगतीदील. अत: जो येनारा आगतद, अद व्यर्थ आद.