कुलुस्सी4hne_twf
1हे मालिकमन हो, अपन गुलाममन के संग सही अऊ बने बरताव करव, काबरकि तुमन जानत हव कि स्वरग म तुम्हर घलो एक मालिक हवय।2सचेत होके, धनबाद सहित पराथना म लगे रहव।3अऊ संगे-संग हमर बर घलो पराथना करव कि परमेसर ह सुघर संदेस सुनाय खातिर हमर बर दुवार खोलय, ताकि हमन मसीह के ओ भेद के परचार कर सकन, जेकर खातिर मेंह जेल म बंदी हवंव।4पराथना करव कि मेंह येला साफ-साफ बता सकंव, जइसने कि मोला करना चाही।5अबिसवासीमन के संग बुद्धिमानी ले बरताव करव। दिये गय हर एक मऊका के सही उपयोग करव।6तुम्हर गोठ ह हमेसा अनुग्रह ले भरे रहय अऊ मनभावन होवय, ताकि तुमन ये जानव कि हर एक झन ला सही जबाब कइसने दिये जावय।