1मेंह दरसन म परभू ला बेदी के तीर म ठाढ़े देखेंव, अऊ ओह कहिस:“खंभामन के टीप ला मारकि दुवारमन डोल जावंय।ओमन ला जम्मो मनखेमन के मुड़ म गिरा दे;जऊन मन बांच जाहीं, ओमन ला मेंह तलवार ले मार डारहूं।ओमन म के एको झन घलो भाग नइं सकंय,कोनो घलो बच नइं सकंय।2चाहे ओमन खंचवा खनके बहुंत गहरई म चले जावंय,उहां ले मोर हांथ ह ओमन ला ले आही।चाहे ओमन अकास के ऊपर घलो चघ जावंय,उहां ले मेंह ओमन ला खाल्हे ले आहूं।3चाहे ओमन करमेल पहाड़ के टीप म लुका जावंय,मेंह उहां ले ओमन ला खोजके खाल्हे ले आहूं अऊ बंदी बना लूहूं।चाहे ओमन मोर ले नजर बचाके समुंदर के पेंदी म लुका जावंय,उहां मेंह सांप ला ओमन ला डसे के हुकूम दूहूं।4चाहे ओमन बईरीमन के दुवारा बंधुवई म ले जाय जाहीं,उहां मेंह तलवार ला हुकूम देके ओमन ला कटवा दूहूं।“मेंह ओमन ऊपर अपन नजरओमन के भलई करे बर नइं, पर ओमन के हानि करे बर रखहूं।”5परभू, सर्वसक्तिमान यहोवा—ओह धरती ला छूथे अऊ ओह टघल जाथे,अऊ ओमा रहइया जम्मो झन बिलाप करथें;जम्मो देस ह नील नदी कस उफनथे,अऊ तब मिसर के नदी कस सूखा जाथे;6ओह अकास म अपन ऊंचहा महल ला बनाथे,अऊ ओकर नीव धरती म रखथे;ओह समुंदर के पानी ला बलाथेअऊ ओला भुइयां ऊपर ढार देथे—यहोवा ओकर नांव ए।7“का तुमन इसरायली नो हवका मोर बर कूसीमन सहीं नो हव?”यहोवा ह घोसना करत हे।“का मेंह इसरायलीमन ला मिसर ले,पलिस्तीमन ला कपतोर लेअऊ अरामीमन ला कीर ले निकालके नइं लानेंव?8“सही म परमपरधान यहोवा के नजर हपाप ले भरे राज ऊपर लगे हवय।मेंह येला धरती के ऊपर लेनास कर दूहूं।तभो ले मेंह याकूब के संतानमन लापूरा नास नइं करंव,”यहोवा ह घोसना करत हे।9“काबरकि मेंह हुकूम दूहूं,अऊ मेंह इसरायल के मनखेमन लाजम्मो जाति के मनखेमन के बीच म अइसन हलाहूंजइसन छननी म अन्न ला हलाय जाथे,अऊ भुइयां म एको ठन गोटी नइं गिरय।10मोर मनखेमन के बीच ले जम्मो पापीमनतलवार ले मारे जाहीं,ओ जम्मो, जेमन ये कहिथें,‘न तो हमर ऊपर बिपत्ति आही अऊ न ही बिपत्ति ले हमर सामना होही।’
इसरायलीमन के फेर स्थापित होवई
11“ओ दिन म,“मेंह दाऊद के गिरे आसरय ला फेर ठीक कर दूहूं—मेंह येकर टूटे भीथीमन के मरम्मत करहूं,अऊ येकर खंडहरमन ला फेर बनाहूं—अऊ येला पहिले के सहीं फेर बना दूहूं,12ताकि ओमन एदोम के बांचे मनखेमन लाअऊ मोर नांव लेवइया जम्मो जातिमन ला अपन अधीन कर लेवंय,”ओ यहोवा ह घोसना करत हे, जऊन ह ये चीजमन ला करही।13“अइसन दिनमन आवत हवंय।” यहोवा ह घोसना करत हे,“जब नांगर जोतइया ह लुवइया ले,अऊ अंगूर खुंदइया ह अंगूर के नार लगइया ले आघू बढ़ जाही।नवां अंगूर के रस ह पहाड़मन ले थिपहीअऊ जम्मो पहाड़ीमन ले बोहा जाही,14अऊ मेंह अपन मनखे इसरायलीमन ला बंधुवई ले वापिस ले आहूं।“ओमन उजड़े सहरमन ला फेर बनाहीं अऊ ओमा रहे लगहीं।ओमन अंगूर के बारी लगाहीं अऊ ओमा के मंद ला पीहीं;ओमन बारी लगाहीं अऊ ओकर फर ला खाहीं।15मेंह इसरायलीमन ला ओमन के निज देस म बसाहूं,अऊ ओमन फेर कभू ओ देस ले निकाले नइं जाहीं,जऊन ला मेंह ओमन ला देय हवंव,”यहोवा तुम्हर परमेसर ह कहत हे।