आमोस8lbm_twf

फरों सी भरी टोपली को दर्शन

1परमेश्वर यहोवा न मोख यो दिखायो: कि धूपकाल को फरों सी भरी हुयी एक टोपली हय।2ओन कह्यो, “हे आमोस, तोख का दिखायी देवय हय?” मय न कह्यो, “धूपकाल को फरों सी भरी एक टोपली।” तब यहोवा न मोरो सी कह्यो, “मोरी प्रजा इस्राएल को अन्त आय गयो हय; मय अब ओख अऊर नहीं छोड़ूं।”3परमेश्वर यहोवा की वानी आय, “ऊ दिन मन्दिर को गीत हाहाकार म बदल जायेंन, अऊर लाशों को बड़ो ढेर लगेंन; अऊर सब जागावों म हि चुपचाप फेंक दियो जायेंन।”

इस्राएल को पतन

4यो सुनो, तुम जो पिड़ित ख रौंदनो अऊर देश को नम्र लोगों ख नाश करनो चाहवय हय,5जो कह्य हय, नयो चन्दा कब बीतेंन कि हम अनाज बेच सके? “आरामदिन कब बीतेंन, जेकोसी हम अपनो गेहूं बेचन ख लाय सकबो हम तराजू को बट ख असो बनाय देबो की लोगों ख ठगाय सके,6कि हम गरीबों ख पैसा दे क, अऊर दरिद्रों ख एक जोड़ी जूतियां की किम्मत दे क खरीद लेवय हय, अऊर तुम घुन लग्यो हुयो गहूं बेचय हय?”7यहोवा, याकूब को घमण्ड, उच अपनी कसम खाय क कह्य हय, मय तुम्हरो कोयी काम ख कभी नहीं भूलूं।8का यो वजह जमीन नहीं कापेंन? का उन पर को सब रहनवालो विलाप नहीं करेंन? यो देश सब को सब मिस्र की नील नदी को जसो होयेंन, जो उमड़य हय, अऊर घट जावय हय।9परमेश्वर यहोवा की या वानी आय, “ऊ समय मय सूरज ख दुपहर को समय डूबाय देऊं, अऊर यो देश ख दिन दहाड़े अन्धकार कर देऊं।10मय तुम्हरो त्यौहारों को उत्सव ख दूर कर क् विलाप कराऊं, अऊर तुम्हरो सब गीतों ख दूर कर क् विलाप को गीत गवाऊं; मय तुम सब की कमर म शोक को कपड़ा बान्धूं, अऊर तुम सब को मुन्ड ख मुंडाऊं, अऊर असो विलाप कराऊं जसो एकलौतो को लायी होवय हय, अऊर ओको अन्त कठिन दु:ख को दिन को जसो होयेंन।”11परमेश्वर यहोवा यो कह्य हय, देखो, असो दिन आय रह्यो हंय, जब मय यो देश म अकाल भेजूं; ओको म नहीं त रोटी को भूखो नहीं अऊर पानी को प्यासो नहीं, पर यहोवा को वचनों को भूखो होयेंन।12लोग यहोवा को वचन की खोज म समुन्दर सी दुसरो समुन्दर तक अऊर उत्तर सी पूर्व तक मारे मारे फिरेंन, पर ओख नहीं पायेंन।13“ऊ समय सुन्दर कुमारियां अऊर जवान आदमी दोयी प्यास को मारे मूर्झाय जायेंन।14जो लोग सामरिया को देवता की कसम, अऊर ‘दान को देवता की कसम, अऊर बेर्शेबा को पन्थ की कसम खावय हय,’ हि सब गिर पड़ेंन, अऊर फिर नहीं उठेंन।”