तीमु3bhu_twf

आखरी रोज हे मनसे के चालचलन

1हइ समझ लेया कि आखरी दिन कठिन टेम आही।2काखे मनसे मतलबी, लालची, डींगमार, अभिमानी, निन्दा करै बाले, दाय दादा के आदेस न मानै बाले, दया न करे बाले, अपवितर,3माया अउ दया न करे बाले, दोस लगामै बाले, असंयमी, कठोर, हर मेर के भलाई के बैरी,4बिस्वासघाती, ढीठ, घमंडी, अउ भगवान के महिमा नेहको पय सुखबिलास के चाहे बाले हुइहिन।5उन भक्ति के भेस धरहिन, पय ओखर सक्ति के नेहको मनहिन असना मनसेन लग बचे रइहा।6हइ मनसे घर हे लुके-लुके घुस जथै, अउ उन मूरख डउकिन के अपन जाल हे फसाय हबै, जउन अपन पाप के भार लग दबाय के कइन मेर के अभिलासा के वस हे हबै।7जउन हरमेसा सीखय चाहथै, पय सच्चाई के ग्यान तक पहुंचे नेहको पाथै।8जसना यन्नेस अउ यम्ब्रेस मूसा कर बिरोध करे रथै, उहै मेर हइ मनसे सही के बिरोध करथै, इनखर दिमाक भ्रस्ट हुइ गय हबै, अउ इनखर बिस्वास असफल हबै।9हइ सब जादा टेम तक नेहको चलही काखे उन दुनो के जसना उनखर मूरखता सबके आगू उजियार हे आय जही।

तीमुथियुस के बिसेस निरदेस

10पय तै उपदेस चालचलन, मनसा, बिस्वास, सहनसीलता, माया, धीर, अउ सताय जाय अउ दुख उठामै हे मोर साथ दय।11अउ असना सताव अउ परेसानी हे मोर साथ दय, जउन अन्ताकिया अउ इकुनियुम अउ लुस्तरा नगर हे मोर हे पडे रथै, अउ दूसर परेसानी हे जउन मै उठाय हव, पय परभु मोके उन सबले छंडाय लइस।12पय जेतका मसीह यीसु हे भक्ति के संग जीवन बितामै चाहथै, उन सगलू सताय जइहिन।13पय पापी अउ चतुर मनसे दूसर के अउ खुद के धोखा देत बत्तर होउत जइहिन।14पय तै उन बातन हे जउन तै सीखे हबस अउ बिस्वास करे हबस, हइ जानके मजबूत बने रहा, कि उन बातन के तुम केखर लग सिखे हबा।15इहो बचपन लग तुम पवितर किताब तोर जाने हर हबै, जउन तुम ऊ दिमाक दे हे सक्ति हबै, जेखर मसीह यीसु हे बिस्वास के दवारा मुकति मिलथै।16सगलू पवितर किताब भगवान के अगुवाई लग लिखे गय हबै, हइ सिक्छा दे, गलत बिचार के बिरोध करै, दोस-सुधार अउ नियाइपन के सिक्छा के निता सही हबै।17कि भगवान के मनसे पूरी तरह लग हर अक्ठी निक्खा काम के निता सुसज्जित पाय जाय।