2 थीसलुनीकी3bhi_twf

हामरे वाटे दुवा करजु करीन कहें

1आकरी मां, हामरा भायस ने बहणस्‌या, हामरे वाटे दुवा कर्‌या करजु की मालीकेन बुले असा मामार वाटाये ने सेक-सींगार काजे हात कर लेय, जसों तुंद्‌रे मां हयो,2दुवा करता रवु की आपणु भटकायला माणसे ने भुंडात माणसे सी छेटे रवु काहाकी आखा माणसेन मालीक पर भुरसु नी रवे।3बाकुन मालीक ते भुरसा मां पाक्‌कु छे, चु तुंद्‌री ताकत काजे बड़ावसे ने तुहुं काजे तीना वेरी सी बचाड़ीन राख्‌से।4हामुक मालीक मां रय्‌न तुंद्‌रे पर भुरसु छे, की जी-जी हुकुम तुहुंक देजे, तीनुक तुहुं मानु, ने मान्‌ता बी रवसु।5भगवानेन परम ने मसीन गमभीणी मालीक तुंद्‌रा मन काजे मनवी लेणु चाहजे।

मंडळीन उजग्‌या माणसेक सुदारने करीन, पोलुस हुकुम आपे

6हामरा भायस ने बहणस्‌या, हामु तुहुंक आपणा मालीक ईसु मसीन नाव सी हुकुम देजे की, तुहुं तीनु भायस्‌योन चाल मां धरु, जे उजगाये हींडी फीरीन जीवे। जी सीकापण तुहुंक हामरे धड़े सी जड़ली छे, तीनी सीकाड़ली वातेन अनसारे ते, चे जीवे।7काहाकी तुहुं आपसात जाणु, की काहनी ढंग सी हामरेन तसी चाल-चालनु चाहजे, काहाकी हामु तुंद्‌रे ईचमां उजगाय नी कर्‌या।8ने काहनाक ने रुटु फुकट मां नी खादा; बाकुन काठलो काम ने मेहनत सी रात दाहड़ु काम धंदु करतेला, काहाकी तुंद्‌रे मायन काहनाक पर बुजु नी आवे।9असो नी, की हामुक हक नी हय; बाकुन हेरेसी की हामु तुंद्‌रे वाटे दाखलु ठेरजे, ने तुहुं हामरेन तसी चाल चालु।10ने जत्‌यार हामु तुंद्‌रेन्‌चां हतला, तत्‌यार बी जी हुकुम तुहुंक देदला, की कदी काहनुक काम करने नी हींडे, ती खाणु बी नी चाहजे।11हामु सामळजे, की कतरा माणसे तुंद्‌रे ईचमां उंजगाय्‌न चाल चाले, ने काय काम नी करे, बाकुन दीसरा काजे खुटी कर्‌या करे।12असला काजे हामु मालीक ईसु मसी मां हुकुम देजे ने समजाड़जे, की हुगा-हुगा काम करीन खाया करु।13ने तुहुं ए भायस्‌यो ने बहणस्‌या, भलो करने मां हिम्‌मत मां छुड़ु।14कदी काहनुक हामरी ईनी चिट्‌ठीन वात काजे नी माने, ती तीना माणसेन बारामां मंडळी मां खबर करजु, ने तेरी सात संगात मां घुण रहु, ने तत्‌यार हयु ज देखीन लाजवाय जासे।15तेबी तीना काजे तुहुं आपसान वेरी समजीन, वेहवार घुण करु; बाकुन भायस समजीन समजाड़ देवु।

आकरी बुले

16मालीक ईसु जु सुक-सांतीन झीर छे, हयु खुद, तुहुं आखा पुठ्‌ये रवीन तुहुं काजे आखी भातीन सुक-सांती आप्‌या करनु चाहजे।17मे पोलुस, मारे हाते सी तुहुं काजे आवीस ने आवजी कहींन लिखी र्‌यु; मारा आखा चिट्‌ठीया मां मे असुत लिखो ने मारी लिखणेन जीत सहलाणी छे।18आपणा मालीक ईसु मसीन गीण-दयातुंद्‌रे आखा पुठ्‌ये रया करे।