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परभु के आमै के रोज

1हे पिरिया भाई अउ बेहन मै तुमही दूसर बेर चिट्ठी लिखथो, इन चिट्ठी हे मै कुछ बातन के सुरता करवाय के तुम्हर साफ सुथरा दिमाक के सचेत करै चाहथो।2तुम उन बात के जो पवितर ग्यानी मनसेन अउ परभु अउ मुकतिदाता के ऊ आदेस के सुरता रखिहा, जउन तुम्हर चेलन सुनाय रथै।3तुम सबले पहिले हइ जान लेया कि आखरी रोज हे हसी ठट्ठा करै बाले आही, उन अपन इक्छा के जसना चलहिन।4अउ कइहीं, “ओखर आमै के टीमा के काहिन हुइस? हमर पुरखन के मिरतू लग अब तक सब कुछु ओसनेन चलत हबै जसना दुनिया के सुरुवात लग रथै।”5उन जान बूझ के हइ बिसर जथै कि दुनिया के सुरुवात हे अक्ठी बादर रथै अउ अक्ठी भुंइ, जउन भगवान के बचन के दवारा पानी मसे पानी के दवारा भुंइ के रचना हुइस।6हइ उनखर ठट्ठा मजाक के परिनाम रहिस, कि ऊ टेम के दुनिया पानी के बाढ के दवारा बुड के मर गइन।7भगवान के बचन अबे के बादर अउ दुनिया के आगी के निता रखे गय हबै, उनही नियाव के रोज तक के निता छांडे गय हबै, ऊ रोज पापी मनसेन के नास करे जही।8हे पिरिया भाई अउ बेहन, हइ बात जरूर सुरता रखिहा की परभु के नजर हे अक रोज हजार साल के समान हबै अउ हजार साल अक रोज के जसना हबै।9परभु अपन टीमा पूर करै हे देरी नेहको करथै, जसना की कुछ मनसे समझथै, पय ऊ तुम्हर बारे हे धीर धरथै अउ हइ नेहको चाहथै कोनो नास होंय, बलुक सब झन के अपन पाप लग मन बदलै के मउका मिलै।10परभु के रोज चोरटन मेर आय जही, ऊ रोज बादर गरजत तेज आरो करत नास हुइ जही, अउ तत्व जर के पिघल जइही अउ भुंइ अउ ओखर हे करे हर सगलू काम परगट हुइ जइही।11जब इन सगलू चीज इहैमेर नास होमैके जरूरी हबै, ता तुम पवितर चाल चलन अउ भक्ति मेर जीवन जिया।12जब तुम भगवान के ऊ रोज के निता ओरगा अउ उके जलदी लामै के परयास करा। बादर आगी लग नास के दय जही अउ बोहत तेज घाम के कारन तत्व पिघल जही।13पय हम भगवान के टीमा के जसना हम अक्ठी नबा बादर अउ अक्ठी नबा दुनिया के ओरगे हबन, जिछो धरमी काम करै बाले निबास करही।

जागत रइहा अउ तइयार रहा

14इहैनिता, हे पिरिया भाई अउ बेहन, जब तुम ऊ रोज के ओरगे हबा, ता परियास करा कि परभु के नजर हे पवितर अउ निरदोस पाय जा, अउ तुम्हर हे ओखर सान्ति के निबास होय।15हमर परभु के धीर के मुकति समझा, ठीक जसना हमर पिरिया भाई पोलुस उनही दय गय ग्यान के जसना तुमही लिखे हबै।16जसना ऊ अपन सगलू चिट्ठी हे इन बातन के चरचा करथै, उन चिट्ठी हे कुछ असना बात हबै, जउन समझै हे कठिन हबै, जउन अनपढ अउ हुसियार मनसे बिगाड देथै, हइ मेर अपन नास के लेथै।17हे प्रिजन भाई अउ बेहन, मै तुमही पहिले लग चेतन्त करे हबै, तुम सावधान रहा। कहुं असना झइ होय कि तुम उन दुस्टन के बहकाव हे आय के अउ अपन बिस्वास लग डगमगाय के गिर जा।18तुम हमर परभु अउ मुकतिदाता यीसु मसीह के अनुगरह किरपा अउ ग्यान हे बढत रहा। ओखर महिमा अबे अउ जुगजुग होत रहै। ओसनेन होय।