1जिना प्रकार उन मानसे मा झुठा भविष्यवक्ता होतो, तीनी प्रकार तुमू मा भी झुठु शिक्षा होयछे, जो नाश करनेवावा पाखण्ड क उद्घाटन डुक डुकाय करसे, आरू ओको भगवान क जो तीनुक मुलवी लेदा छे मना करसे, आरू आपने आप क शीघ्र विनाश मा नाख देसे।2घोणा छे उन क समान लुचपन करसे, जिनके कारण सच्चाई क मार्ग की निन्दा की जाछे।3वो लोभ क करता वात बनावीन तुमूक आपने लाभ क कारण बनावसे, आरू जो दण्ड की हुकुम उन पर पेहल छे होय चुकियो ओको आवने मा काही भी देर नी, आरू उन क विनाश उंगाये नी।4काहकि जव यहोवा–भगवान ने उन सोरगदूत क जिन्होने पाप कर्या नी छुड़ियो पर नरक मा मुकली आंधारला कुण्डा मा नाख दिदा ताकि न्याय क दाहड़े तक बंद रोवछे।5आरू पुरानो युग क संसार क भी नी छुड़ियो वरना भक्तवन संसार पर महा जल प्रलय मुकल्यो, पर न्यायपन क खबरक नूह सहावत आगठा मानसो क वाचाड़ लेदा।6आरू सदोम आरू गमोरा क नगर क विनाश क ओसो दण्ड दिदा कि तीनुक भस्म करीन रूखड़ा मा हाववाय लेदा ताकि वो आवनेवाळा भक्तवन मानसे की शिक्षा क करता एक सपनो बने।7आरू न्यायी लुत क जो अन्यायपन क विटळ चालचलन छे घोणा दुःखी होतो वाचाड़यू दिदो।8काहकि वो न्यायी ओको बीच मा रवे तो आरू तीनुन अन्याय क काम क देख देखीन आरू सोमवी सोमवीन, हर दाहड़े आपने सचे मन क पीड़ित करतलो हुता।9तो पोरबु भक्त क परीक्षा मा छे निकाव लावने आरू अन्यायपन क न्याय क दाहड़ो तक दण्ड की दशा मा राखने भी जानता छे।10विशेष करीन तीनुक जो विटळ लालोच क पछव डील क लारे चालता आरू पोरबुता क तुच्छ जानता छे। वो ढीठ, आरू हठी छे, आरू उंचा पदवावा क बुरो भलो कोवने सी नी घाबराये।11तव सोरगदूत जो शक्ति आरू शक्ति मा उनछे मोटो छे, पोरबु क सामने तीनुक बुरा भला कयकर दोष नी लागाड़12पर यो मानसे निर्बुध्दि ढुरो ही क तुल्य छे, जो धराय जाने आरू नाश हुयने क करता पैदा होया छे; आरू जिन वात क जानता ही नी ओको विषय मा दिसरा क बुरो भलो कयता छे, वो आपसी सड़ाहट मा आप ही सड़ जाछे।13दिसरान बुरो करने क बदले खुदन क बुरो होयछे। तीनुक दाहडु सिरान भोग विलास करने भलो लागतो छे। यो गुणो आरू अन्याय छे; जव वो तुमरे साथे खातो पीतो छे, तो आपसी आरू छे करीन भोग विलास करता छे।14तींदरा डुवा मा व्यभिचार बठला हुयो छे, आरू वो पाप कर्या विना रूक नी सकता। वो खाटळो मनवावो क फुसला लेता छे। ओको मन क लोभ करने क मेहनत होय गयो छे; वो सन्ताप की अवलियाद छे।15वो सुध मार्ग क छुड़ीन भटक गयो छे, आरू बओर क पोर्य बिलाम क मार्ग पर होय करता छे, जो अन्याय की मजदूरी क मोंगावु जाने।16पर ओका गुणेहगार क विषय मा उलाहना दिदा गया, याहा तक कि नी बोलने वाली गदड़ी ने मानुस की बोली छे ओको भविष्यवक्ता क ओका बावलेपन छे रूकु।17यो मानसे सुकला कूवा, आरू आँधी क उड़ाय हुयो वादवो छे; ओको करता अमरकाय आँधारलो ठराय गया छे।18वो व्यर्थ डाहळाय की वात कर करीन लुचपन क काम क द्वारा उन मानसे क शारीरिक लालोच मा फसाय लेता छे जो भटक्यो होया मा छे हिमी निकाव ही रया छे।19वो तीनुक स्वतंत्र करने की प्रतिज्ञा तो करता छे, पर आप ही सड़ाहट क दास छे; काहकि जो मानुस जिनासे हार गयो छे, वो ओको दास बन जातो छे।20जव वो पोरबु आरू उध्दारकरता ईशु मसीह की उवख क द्वारा संसार की हरेक प्रकार की विटळ छे वाच निकव्या, आरू पछु उनमा फसीन हार गया, तो उनकी पोछली दशा पेहली छे भी बुरी होय गयी छे।21काहकि न्यायपन क मार्ग क नी जानने ही ओको करता इनासे भला हुयसे कि ओको जानीन, ओको चुखलो हुकुम छे पछु जाता तीनुक सौपी गयी होती।22उन पर यो कहावत ठीक बठती छे, कि कुत्रो आपसी छांट की आरू नहलाई सूअरनी कीचड़ मा लुटने क पोछी चाली जाती छे।