1पवित्र आत्मा सपा से बोलस हइ कि आनवालो टेम मे कतना दुन्या भटकन आली आत्माहोन खे अरु बुरीआत्माहोन कि शिक्षाहोन पर मन लगय खे विश्वास से भैइकी जाये.2यो वु झूटा इन्सान को कपट करन हुये खे जेको विवेक मानो जलता हुया लोखोड से दबायो गयो हइ3जो भ्याव करणा से रोख्या अरु खान कि कुछ चिजहोन से दुर ऱ्हेन की आज्ञा दिखे जेने परमेश्वर ने येका लिये सृजा की विश्वासी अरु सच पहचानआलो उनका धन्यवाद का साथ खाये.4क्युकी परमेश्वर कि सृजी हुइ हर एक चिज अच्छी हइ अरु कोय चिज अस्विर करण का योग्य नी पर यो कि धन्यवाद का साथ खाय जाये हइ.5क्युकी परमेश्वर को वचन अरु प्रार्थना का वजेसे से शुध्द हुये जास हइ.
यीशु मसीह खे अच्छा सेवक
6अगर तू भैइहोन खे या बात की याद दिलातो र्हेस काते मसीह यीशु को अच्छो सेवक ठैहरे. अरु विश्वास अरु वा अच्छी शिक्षा की बात से जो तू मानतो आयो हइ, तरो पालन पोषण होतो ऱ्हीहे.7पर अशुध्द अरु डोकरीहोन कोनसी खानीहोन से अलग र्हेस. अरु भक्ति मे खुद को प्रशिक्षित कर्हे.8क्युकी आंग की साधना से कम लाभ होस हइ, पर भक्ति सब बात का लिये लाभदायक हइ, क्युकी यो टेम को अरु आनवाला जिवन की भी वादो येका लिये हइ.9या बात सची अरु हर प्रकार से मानन का योग्य हइ10क्युकी हम मेहनत अरु यत्न येका लिये करस हइ की हमारी आस उ जिन्दो परमेश्वर पर हइ, जो सब इन्सानहोन खे अरु विशेष रुप से विश्वासीहोन को उद्धारकर्ता हइ.11या बात की आज्ञा दिखे अरु सिखातो र्हे.
सेवक का उपर ध्यान रखनो
12कोय तरी जवानी को तुच्छ नी समझ पाये. पर वचन को चाल चलन को अरु प्रेम का अरु विश्वास को अरु पवित्रता मे विश्वासिहोन का लिये आदर्श बनी जास.13जब तक मी नी अव तब तक पडन अरु उपदेस देन अरु सिखाना मे लौलीन र्हे.14उ वरदान से जो तरा मे हइ, अरु भविष्यद्वाणी का वजेसे बुजुरुख होन खे हात रखते टेम तोखे मील्यो थो, नीश्चिन्त मत र्हे15वा बात खे करतो र्हे अरु येमे मी अपनो ध्यान लगायो ऱ्हे, ताकी तरी उन्नती सब पर प्रगट हुये.16अपनी अरु अपना उपदेस मे सावधानी रख. या बात पर स्थिर र्हे का क्युकी अगर असो करतो र्हिहे, ते तू अपना खे अरु अपना सुननवाला खे लिये भी उध्दार को करण हुये.