1पर हे भाऊवों अऊर बहिनों, येकी जरूरत नहाय कि समयो अऊर कालो को बारे म तुम्हरो जवर कुछ लिख्यो जाये।2कहालीकि तुम खुद ठीक जानय हय कि जसो रात ख चोर आवय हय, वसोच प्रभु को दिन आवन वालो हय।3जब लोग कहत होना, “शान्त अऊर सुरक्षित हय, अऊर कुछ डर नहाय,” त उन पर अचानक नाश आय पड़ेंन, जो तरह गर्भवती पर दु:ख तकलीफ; अऊर हि कोयी रीति सी नहीं बचेंन।4पर हे भाऊवों अऊर बहिनों, तुम त अन्धारो म नहाय कि ऊ दिन तुम पर चोर जसो आवय हय वसो अचानक आयेंन।5कहालीकि तुम सब प्रकाश को लोग अऊर दिन को लोग आय; हम नहीं रात को आय, नहीं अन्धारो को आय।6येकोलायी हम दूसरों को जसो सोतो नहीं रहे, पर जागतो अऊर सावधान रहे।7कहालीकि जो सोवय हंय हि रातच ख सोवय हंय, कहालीकि जो सोवय हंय नशा म चुर होवय हंय।8पर हम जो दिन को आय, विश्वास अऊर प्रेम को झिलम पहिन क अऊर उद्धार को आशा को टोपी पहिन क सावधान रहो।9कहालीकि परमेश्वर न हम्ख गुस्सा को लायी नहीं, पर येकोलायी चुन्यो हय कि हम अपनो प्रभु यीशु मसीह को द्वारा उद्धार प्राप्त करे।10यीशु हमरो लायी यो वजह मरयो कि हम चाहे जागतो हो चाहे मरयो हो, सब मिल क ओकोच संग जीये।11यो वजह एक दूसरों ख प्रोत्साहन देवो अऊर एक दूसरों की मदत को कारण बनो, जसो कि तुम करय भी हय।
आखरी शिक्षाये
12हे भाऊवों अऊर बहिनों, हम तुम सी बिनती करजे हंय कि जो तुम म मेहनत करय हंय, अऊर प्रभु म तुम्हरो अगुवा हंय, अऊर तुम्ख शिक्षा देवय हंय, उन्को सम्मान करो।13अऊर उन्को काम को वजह प्रेम को संग उन्ख बहुतच आदर को लायक समझो। आपस म मेल मिलाप सी रहो।14हे भाऊवों अऊर बहिनों, हम तुम्ख इशारा देजे हंय कि जो आलसी हय उन्ख बिनती करजे हय, कायरो ख हिम्मत देवो, कमजोरों ख सम्भालो, सब को तरफ सहनशीलता दिखावो।15सावधान! कोयी दूसरों सी बुरायी को बदला बुरायी मत करो; पर हमेशा भलायी करन पर तैयार रहो, आपस म अऊर सब सी भी भलायीच की बाते करो।16हमेशा खुश रहो।17लगातार प्रार्थना म लग्यो रहो।18हर परिस्थिति म परमेश्वर को धन्यवाद करो।19पवित्र आत्मा की आगी ख मत बुझावो।20परमेश्वर को तरफ सी आवन वालो सन्देश ख मत धिक्कारो।21सब बातों ख परखो; जो अच्छी हय ओख पकड़्यो रहो।22सब तरह की बुरायी सी बच्यो रहो।
आखरी आशीर्वाद
23शान्ति को परमेश्वर खुदच तुम्ख पूरो रीति सी पवित्र करे; अऊर तुम्हरी आत्मा अऊर जीव अऊर शरीर हमरो प्रभु यीशु मसीह को आवन तक पूरो निर्दोष अऊर सुरक्षित रहे।24तुम्हरो बुलावन वालो विश्वास लायक हय, अऊर ऊ असोच करेंन।25हे भाऊवों अऊर बहिनों, हमरो लायी प्रार्थना करो।26सब भाऊवों अऊर बहिनों ख परमेश्वर को पवित्र प्रेम सी नमस्कार करो।27मय तुम्ख प्रभु को अधिकार सी तुम्ख बिनती करू हय कि या चिट्ठी सब विश्वासियों ख पढ़ क सुनायो जाये।28हमरो प्रभु यीशु मसीह को अनुग्रह तुम पर होतो रहे।