1 थीसलुनीकी5bhi_twf

ईसु पछु आवसे, तीने टेमे भेळा हवणे तीयार रवु

1ए भायस्‌यो ने बहणस्‌या, हेरे बारामां लिखणेन जरुवत नी हय की टेमेन ने दाहड़ान बारामां तुंद्‌रे वाटे काहींग लिखजे।2काहाकी तुहुं आपसा वारु जाणु की जसु राते चुट्‌टु आवे, तसुत मालीकेन दाहड़ु बी आवणे वाळु छे।3जत्‌यार माणसे कवता हसे, “सांती मां छेने काय डर नी हय,” ती तींद्‌रे पर उचकाणुन नास हवणेन दुख आय पड़से, जसों भार पाये बायर पर पीड़ा दुख ने चे काहनी बी रीती सी नी बचे।4बाकुन ए भायस ने बहणस्‌या, तुहुं आंदारला मां नी हय, की चु दाहड़ु तुंद्‌रे पर चुट्‌टान तसु आय पड़े।5काहाकी तुहुं आखा वीजाळान अवल्‌यात ने दाहड़ान अवल्‌यात छे, हामु नीते रातेन छे, ने नी आंदारलान छे।6तेरेमां हामु दीसरान तसा सुवता नी रवजे, पर जागता ने समळीन रवजे।7काहाकी जे सुवे चे रातेत सुवे, ने जे दारु पीन छाके चे रात मात छाके।8आपणु ते दीसुन छे, तेरेमां भुरसान ने परमेन झीलम पेहरीन, ने छुटकारु हात करनेन आस काजे टुपान तसा पेहरीन, समळीन रहणु चाहजे।9काहाकी भगवान आपणु काजे डंड आपणे करीन नी नेवाड़्‌यु, बाकुन आपणा मालीक ईसु मसीन पापेन डंडेम सी छुटकारु जड़े करीन नेवाड़लु छे।10ईसु हामरे वाटे हेरे वजे सी मर्‌यु की हामु चाहे जागता रवजे चाहे सुवता रवजे, आखा मेळीन तेरेत साते जीवजे।11तेरेमां तुहुं एक दीसरान हिम्‌मत बड़ावता रहु, ने एक दीसराक चुखली-आत्‌मा मां टणका करता रहु, जसा तुहुं करता आय रया।

चिट्‌ठीन पेहली सीकणो

12ए भायस्‌यो, हामु तुहुं काजे लीलघाय्‌न कय र्‌या की, जे तुंद्‌रे वाटे काठी मेहनत करने बाजी रया, ने मालीक ईसु मां तुंद्‌री अगवाय करे, ने जे तुहुं काजे सीकाड़े, तींद्‌री सामळीन तींद्‌री ईज्‌जत करु।13ने तींद्‌रा काम वाटे, तुहुं परम सी तींद्‌रु वारु आव-भाव करु; ने हेळी-मेळीनरहु।14ए भायस्‌यो, हामु तुंद्‌रे सी जी लीलघाय कवजे की गलत चाल रया, तीनु काजे तुहुं लड़ीन समजाड़ु, ने बीहेतेला काजे हिम्‌मत आपु, ने लुल्‌ला काजे संभाळु, ने आखान वेहवार काजे वेठता जाय्‌न गम खावु।15चेतीन रहु! कुय करु दीसरान कुहराय्‌न बदले कुहराय मां करु; बाकुन तुहुं जलम एक दीसरान ने मंडळीन बाहरनान बी भलो कर्‌या करजु।16जलम खुस रवजु।17भगवान धड़े अळी-अळीन दुवा कर्‌या करजु,18हर वात मां, भगवान काजे बेसकु वारु कवता रहु। काहाकी ईसु मसी मां तुंद्‌रे धड़े भगवानेन बी जीत मरजी छे।19भगवानेन चुखली-आत्‌मान अगवाय काजे घुण रुकता।20खास करीन, भगवानेन अघी सी आवणे वाळी वात बताड़न्‌या माणसे वाटे कहली वातेक फालतु घुण समजु।21आखी वात काजे पारखीन देखणु चाहजे: जी वारु छे, तीनी वातेक मानीन जीवु।22आखी भातीन नाव-बद्‌दी सी छेटा रहु।23सांतीन भगवान आपसुत तुहुंक पुरी रीती सी चुखु करे, ने तुंद्‌री जीव-आत्‌मा ने मन ने डील हामरा मालीक ईसु मसीन आवणे लग पुरु-पुरु ने नी-गुनाळा बणीन रवे।24तुंद्‌रु बुलावणे वाळु खरलु छे, ने चु असुत करसे।25ए भायस्‌यो, हामरे वाटे दुवा करु।26आखा भायस ने बहणस्‌या काजे ईसुन चुखलु गुळु दीन वारला छे की पुछ्‌जु।27मे मालीक ईसुन हक सी तुहुं काजे कह्‌वो, जी चिट्‌ठी आखा भायस्‌यो काजे भणीन सामळावजु।28आपणा मालीक ईसु मसीन गीण-दया तुंद्‌रे पुठ्‌ये बणीन रहे।