1इदुरसाटी याग कि मसीह मय दा आगकु दुख नेगदुन रा नीव भी अदा मनसा अक हथियार इन घाई धारण माळी, यतिकी याव मय दा दुख नेगदुन आव पापगोळ देल बिटोदुन,2ईग टु मुंद नीम्द वाचुस्त समय पृथ्वी इन जीवन मानवीय इच्छागोळ्द अनुसार ईला बल्की परमेश्वर उन इच्छा अन अनुसार जीवन व्यतीत माळुल.3यतिकी मूर्ति पुजा माळावाळेर्द इच्छा अन्द अनुसार क्याल्सा माळोद, अदिक असभ्यता, वासना, पियक्कळपन अवैध संबंध, रंगरेली, अदिक बेकार मूर्तिपूजा दा यल ताका नाव पयले समय गऊसदेव, अदा हापाळ आत.4इदुर देल आंदुर अचम्भा माळतार कि नीव हिंग बोयोद जंगलीपन अदिक लापरवाह अन्द जीवन जगुसोर दा आंदुर साथ कोळालीर, अदिक इदुरसाटी आंदुर नीम्द अपमान माळतार;5लेकीन जो सोतकु आर अदिक जित्तागोळ्द न्याय माळोर साटी तयार आन आ परमेश्वर उक नामी तान व्यवहार इन लेखा जोखा कोळोद बिद्दीत.6इदुरसाटी आ विश्वासीगोळ इक जो सोतोग्यार खुशखबरी इन उपदेश कोटकु आगीत कि शारीरिक रूप देल चाहे आंदुर्द न्याय मानवीय स्थल मा आगुल लेकीन आत्मिक रूप देल आंदुर परमेश्वर उन अनुसार जित्ता ईरूल.
परमेश्वर उन वळ्लेर भंडारी
7सप्पा मातगोळ्द अन्त तुरन्त आगावाळा आद; इदुरसाटी संयमी आगकु प्रार्थना माळोर साटी सचेत ईरी.8सब से धोळ मात ईद आद कि आबुर दाबुर से प्यार ईटी, यतिकी प्यार अनेक पापगोळ इक मुच्च बुळतद.9बिना कुळकुळ्सकु आबुर दाबुर अतिथी-सत्कार माळी.10यारी जो वरदान सिक्याद, आव अदरी परमेश्वर उन अलग-अलग प्रकार इन अनुग्रह अन भला भंडारीगोळ घाई आबुर दाबुर स्यावा दा हची.11जो यावारा प्रचार माळुल, आव परमेश्वर उन वचन इन प्रचार माळुल; जो यावारा स्यावा माळुल, रा आ शक्ति इन सांगुळ माळुल जो परमेश्वर कोळतान; इदुरसाटी ई सप्पा मातगोळ दा यीशु मसीह अन द्वारा, परमेश्वर उन स्तुति आगुल. महिमा अदिक साम्राज्य हमेशा हमेशा आऊन आद. आमीन.
मसीह आगोद नाता देल दुख नेगोद
12हे प्रिय संगीगोळा, याग नीम्द अग्नि परीक्षा आगतद आग हिंग असामान्य मातगोळ आगतेला नोळकु नीव आश्चर्य चकित आगबाळी.13लेकीन ह्यांग-ह्यांग मसीह अन दुख दा सहभागी आगतीर, खुश ईरी, यदुर देल याग आऊन महिमा प्रगट आदीत आ घन भी नीव पुरा रीति देल आनन्दित आगेगी.14बाक अगर मसीह अन हेसुर इन साटी नीव अपमानीत आगतीर रा नीव धन्य माळी, यतिकी आव महिमामय परमेश्वर उन आत्मा नीम मा आगतद.15नीम दा टु यावारा मंळसा हत्यारा या काळ्ल या कुकर्मी आगदुर मा, या पराया क्याल्सा दा कय हाका कारण दुख ईला सिकुल.16लेकीन ई मात साटी परमेश्वर उन धन्यवाद माळी, यतिकी नीव मसीह हेसुर ग्रहण माळदीर.17यतिकी न्याय माळोद समय इन सुरूवात आगेग्याद कि पयले परमेश्वर उन लॉकुर्द न्याय माळकु आगुल; अदिक याग कि न्याय इन सुरूवात नाम देल अच आदीत रा आंदुर्द येन अन्त आदीत जो परमेश्वर उन खुशखबरी मा विश्वास माळालुर?18हिंग शास्त्र दा लिख्सकु आद,“अगर वळ्लेव न्याय माळावाळा मंळसा अक अच कठिनाई देल उद्धार सिक्कीत,रा भक्तिहीन बयमान अदिक पापी इन येन आदीत?”19इदुरसाटी जो परमेश्वर उन इच्छा अन अनुसार दुख नेगुतार, आंदुर भलाई माळतेला तान-तान जीव विश्वासलायक सृजनहार इन कय दा सौप्स बुळुल.