ईसु पर भुरसु करन्या वाटे दान
1हय हीना चंदान बारामां जे चुखला माणसे वाटे करलो छे, जसु हुकुम मे गलातीयान मंडळी काजे आपलु, असात तुहुं बी आपो2हाप्तान पेहले दाहड़े तुंद्रे मां सी एक-एक जणा आपणी धके तेरे अनसारे थुड़ाक आपणे धड़े मेकी रवजु की मारे आवणे पर चंदु नी करनु पड़े।3ने जत्यार मे आवीस, ती तीनाक तुहुं चाहु हीनुक मे चिट्ठी आपीन मकली दीस की तुंद्रो दान यरुसलेम मां पुगाड़ देसे।4कदी मारो बी जाणु जरुड़ी हयो ती चे मारे साते जासे।पोलुसेन जाणेन बसोक
5मे मकीदुनीया हयन तुंद्रे धड़े आवीस, काहाकी मेसे मकीदुनीया हयन जाणुत छे।6बाकुन अनुमान छे की तुंद्रेन चांहान रय जाय ने सरदीन रीतु तुंद्रेन चांहान नीकळो, तत्यार जीनु भीणी मारो जाणु हेरसी हेरे भीणी तुहुं मेसे पुगाड़ देजु।7काहाकी मे हय वाट मां तुंद्रे सी मेळने नी चाहतु; बाकुन मेसे आस छे की कळी मालीक चाहे ती थुड़ीक टेमी लग तुंद्रे साते रवीस।8बाकुन मे पेन्तेकुस्तेन लग ईफीसुस मां रवीस,9काहाकी मारे वाटे चां एक मटु ने काम मां आवणे वाळो बारनो उघल्लो छे ने वीरुदी बेसका छे।10कदी तीमुथीयुस आय जाय, ती देखजु की चु तुंद्रेन्चां चु नी बीहे रवसे; काहाकी चु मारेन तसु मालीकेन काम करे।11हेरेसी कुय हीनाक गलत घुण जाणु, बाकुन हीनाक सांती सी ईनी धड़े पुगाड़ देजु, की मारे धड़े आय जाय काहाकी मे हेरी वाट देख र्यु की चु भायसे साते आवे।12भायस अपुल्लोस सी मे बेसकु लीलघायु ने कह्यु की तुंद्रे धड़े भायसे साते जाय; बाकुन हीयु हीनी टेमे जाणेन काय बी मरजी नी कर्यु, बाकुन जत्यार मुखु जड़से तत्यार आय जासे।आकरी आदेस ने आवीस ने आवजु कवणु
13जागता रवु, भुरसु मां काठा रवु, हिम्मत राख्जु, ताकत वाळाबणु।14जो काय करु चो परम सी करु।15ए भायसे, तुहुं स्तीफनासेन घराणा काजे जाणु की चे अखायान पेहलो फळ छे, ने चुखला माणसेन चाकरी वाटे तीयार रवे असु लीलघायो।16हेरेसी मे तुंद्रे सी लीलघायु करो की असात हक मां रवु, बाकुन एक-एक जणान जे हीना काम मां मेहनत ने साजल्या छे।17मे स्तीफनास ने फुरतुनास ने अखयकुसेन आवणे सी बेसकु खुसी हय र्यु, काहाकी जे तुंद्री कमी काजे पुरा कर्या।18चे मारी ने तुंद्री आत्मा काजे सांती आप देदा, हेरेसी असा काजे मानु।19आसीयान मंडळी भीणी सी तुहुं काजे आवजु ने आवीस कह्वो; अक्वीला ने परीस्कीला ने हींद्रे घरेन मंडळी काजे बी तुहुंक मालीक मां बेसका-बेसका कावा आवजु ने आवीस कह्वो20आखा भायसे काजे तुहुंक आवजु ने आवीस। चुखला गुळा दीन आंबा-सांबा आवजु ने आवीस कह्वो।21मे पोलुस काजे आपणे हात काजे लिखलो छे, आवजु ने आवीस।22कदी कुय मालीकसी परम नी राखे ती चु सराप वाळु छे। ए हामरा मालीक आव।23मालीक ईसुन गीण-दया तुंद्रे पर हवती रवे।24मारु परम ईसु मसी मां तुंद्रे आखा साते रवतु रवे।